संयुक्त प्रांत में बसी ८५% से ऊपर ग्रामीण आबादी के प्रति प्रशासन को अधिकाधिक प्रतिनिधित्व एवं दायित्वपूर्ण बनाने की दृष्टि से खेतिहरों को सरकारी सेवाओं में लेने का प्रस्ताव रखा

१९४५

१९४५ में आचार्य नरेंद्र देव की अध्यक्षता में बनारस में किसानों की एक बैठक के दौरान भूमि और कृषि पर कांग्रेस का घोषणापत्र तैयार किया गया, जिसमें जमींदारी प्रथा के उन्मूलन का आह्वान किया गया। इस घोषणापत्र में प्रशासन को संयुक्त प्रांत की ८५% से अधिक ग्रामीण आबादी के प्रति अधिक प्रतिनिधि और उत्तरदायी बनाने के लिए सरकारी सेवाओं में किसानों को रोजगार देने का भी प्रस्ताव था। हालाँकि, इस प्रस्ताव को कांग्रेस या सरकार का समर्थन नहीं मिला।